कहते हैं ब्रह्ममुहूर्त में देखा गया सपना सच हो जाता है, यदि इस कहावत में सचाई है तो फिर जल्दी ही दिल्ली में आम जनता द्वारा एक बड़ी पिटाई परेड का आयोजन होने वाला है जिसमें कुछ झूठे और मक्कार क़िस्म के आम आदमियों की पहले बड़ी बड़ी झाडुओं से ज़बरदस्त धुलाई होगी, तत्पश्चात 28 विधानसभाई क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा उनका गोबर से अभिषेक किया जाएगा
आज मैंने ब्रह्ममुहूर्त में ऐसा ही सपना देखा,,,,,,,,,,,
जय हिन्द !
अलबेला खत्री
नैन कहो नैना कहो नयन कहो या आँख
प्रेम पपीहे को मिली, सदा इन्हीं से पाँख
नयन उठा कर देखिये, पहले घर का हाल
फिर महफ़िल में आइये करके चौड़ी चाल
नयन झुके तो सर झुके, नयन झुकाना छोड़
नयन उठाना सीखले, कर दुनिया से होड़
नयन मिले तो मन मिले, नयन हैं मन के दूत
मन यदि मोती बन गये, नयन बनेंगे सूत
नयन तेरे रण बाँकुरे, करते ख़ूब शिकार
औरों की तो क्या कहूँ, मुझको डाला मार
नयनबाण मत मारिये, मर जायेंगे लोग
शगल तुम्हारा न बने, घर-आँगन का सोग
मैंने ऐसे कर दिया, निज नयनों का दान
जैसे पूरा कर लिया, जीवन का अरमान
जय हिन्द
- अलबेला खत्री